तेरी SoCalled देशभक्ति और हमारी हिम्मत ??
"खानदानी दोस्ती" का कांग्रेसी सच - गद्दारों के साथ, सदा काँग्रेस का हाथ -
राष्ट्रीय राहुल्लाह भैया के खानदानी करीबी दोस्त के बाप "ताज मोहम्मद खान" को आप शायद नहीं जानते होंगे, वह कांग्रेसी थे और फ्रंटियर सूबे (अब पाकिस्तान) में स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े हुए थे लेकिन जिल्लेइल़ाही को पता है कि आप उनके बेटे को बहुत अच्छी तरह जानते है वह हैं बॉलिवुड के बड़े स्टार्स में से एक और काँग्रेस के कृपापात्र तथा राहुल गांधी के करीबी व खानदानी दोस्त - "शाहरुख खान उर्फ बादशाह खान उर्फ एसआरके" ।
शाहरूख़ ख़ान के माता पिता पठान मूल के थे, उनके पिता ताज मोहम्मद ख़ान एक पाकिस्तानी मूल के स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी माँ लतीफ़ फ़ातिमा ,, मेजर जनरल शाहनवाज़ ख़ान की पुत्री थी,,शाहरूख़ ख़ान के पिता हिंदुस्तान के विभाजन से पहले पेशावर के किस्सा कहानी बाज़ार से दिल्ली आए थे, हालांकि उनकी माँ रावलपिंडी से आयीं थी,शाहरूख़ ख़ान की एक बहन भी हैं जिनका नाम है शहनाज़ और जिसे वो प्यार से लालारुख बुलाते हैं।
हाँ भई याद आया मेरी पोस्ट का मूल आधार तो है राहुल गांधी समेत उसके बाप के नाना नेहरू चचाजान और जलील शाहरूख़ समेत शाहरूख़ के कुख्यात गद्दार अंग्रेज भक्त नाना मेजर जनरल शाहनवाज खान और इनकी दोस्ती तथा रिश्तेदारियाँ..
जी हाँ शाहनवाज खान, वही आजाद हिंद फौज का मेजर जनरल शाहनवाज खान जो आजाद हिन्द फौज का भूतपूर्व सैन्याधिकारी था, जो शुरु में नेताजी के दाहिने हाथ माना जाता था मगर इम्फाल-कोहिमा फ्रण्ट से उसके विश्वासघात की खबर आने के बाद नेताजी ने उसे रंगून मुख्यालय वापस बुलाकर उनका कोर्ट-मार्शल करने का आदेश दे दिया था।
उसके बारे में यह भी बताया जाता है कि कि लाल-किले के कोर्ट-मार्शल में तब के लेफ्टिनेंट जनरल शाहनवाज खान ने खुद यह स्वीकार किया था कि आई.एन.ए./आजाद हिन्द फौज में रहते हुए उन्होंने गुप्त रुप से ब्रिटिश सेना को मदद ही पहुँचाने का काम किया था, यह भी जानकारी मिलती है कि बँटवारे के बाद वे पाकिस्तान चले गये थे, मगर नेहरूजी उन्हें भारत वापस बुलाकर अपने मंत्रीमण्डल में उन्हें सचिव का पद देते हैं।
विमान-दुर्घटना में नेताजी को मृत घोषित कर देने के बाद शाहनवाज खान को नेहरू मंत्रीमण्डल में मंत्री पद (रेल राज्य मंत्री) प्रदान किया जाता है।
देश आजाद होने के बाद संसद में कई बार माँग उठती है कि कथित विमान-दुर्घटना में नेताजी की मृत्यु के रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए सरकार कोशिश करे। मगर प्रधानमंत्री नेहरूजी इस माँग को प्रायः दस वर्षों तक टालने में सफल रहते हैं। भारत सरकार इस बारे में ताईवान सरकार (फारमोसा का नाम अब ताईवान हो गया है) से भी सम्पर्क नहीं करती।
अन्त में जनप्रतिनिगण जस्टिस राधाविनोद पाल की अध्यक्षता में गैर-सरकारी जाँच आयोग के गठन का निर्णय लेते हैं। तब जाकर नेहरूजी 1956 में भारत सरकार की ओर से जाँच-आयोग के गठन की घोषणा करते हैं। लोग सोच रहे थे कि जस्टिस राधाविनोद पाल को ही आयोग की अध्यक्षता सौंपी जायेगी। विश्वयुद्ध के बाद जापान के युद्धकालीन प्रधानमंत्री सह युद्धमंत्री जेनरल हिदेकी तोजो पर जो युद्धापराध का मुकदमा चला था, उसकी ज्यूरी (वार क्राईम ट्रिब्यूनल) के एक सदस्य थे- जस्टिस पाल। मुकदमे के दौरान जस्टिस पाल को जापानी गोपनीय दस्तावेजों के अध्ययन का अवसर मिला था, अतः स्वाभाविक रुप से वे उपयुक्त व्यक्ति थे जाँच-आयोग की अध्यक्षता के लिए।
मगर नेहरूजी को आयोग की अध्यक्षता के लिए सबसे योग्य व्यक्ति शाहनवाज खान नजर आते हैं।
मगर नेहरूजी को आयोग की अध्यक्षता के लिए सबसे योग्य व्यक्ति शाहनवाज खान नजर आते हैं।
शाहनवाज_खान - उर्फ, लेफ्टिनेण्ट जेनरल एस.एन. खान, कुछ याद आया?
लो एक और खानदानी रहस्य जान लो शाहरूख़ खान बॉलिवुडी भांड का,, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के नए मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल जहीर-उल-इस्लाम इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के नायक शाहनवाज खान के भांजे हैं और उन्हीं के जरिए जहीर का बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान से भी रिश्ता है।
रक्षा विशेषज्ञ इकराम सहगल के मुताबिक जहीर-उल-इस्लाम के पिता पाकिस्तान की सेना में ब्रिगेडियर थे और सुभास चंद्र बोस के नेतृत्व में बनाई गई आईएनए में मेजर जनरल रहे शाहनवाज खान से उनका नजदीकी रिश्ता था।
शाहनवाज खान का एक बेटा विभाजन के वक्त उनके साथ भारत आ गया था जबकि दूसरा बेटा महमूद नवाज पाकिस्तान में ही रह गया था और पाक की सेना में कर्नल बना। पाकिस्तान सेना में रहते हुए महमूद कभी भी शाहनवाज खान से नहीं मिल पाए। रिटायर होने के बाद ही वो भारत आ सके और अपने पिता से मुलाकात की।
गौरतलब है कि शाहरुख खान की मां लतीफ फातिमा को शाहनवाज खान ने गोद लिया था। कई वेबसाइटों पर प्रकाशित शाहरुख की आत्मकथा के मुताबिक शाहनवाज खान ने उनकी मां की परवरिश की थी।
जहीर उल इस्लाम के आईएसआई मुखिया बनाए जाने से पहले मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा था कि बॉलीवुडी स्टार सैफ अली खान के चाचा मेजर जनरल इस्फंदयार अली खान आईएसआई के मुखिया बनने की दौड़ में थे हालांकि अब आईएसआई के मुखिया बने जहीर-उल-इस्लाम समेत आईएसआई /ISI का भी बॉलीवुड से रिश्ता निकल ही आया है भले ही दूर का ही सही..,लेकिन नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक इस शाहरूख़ खान के खानदान की जलील दोस्ती छिपी नहीं है,, तथा ये शाहरूख़ खान कहता है कि मोदी सरकारकाल में देश में असहिष्णुता बढ रही है?
आज 2 नवंबर 2015 को ये शाहरूख़ 'भांड' खान अपने 50वें जन्मदिन पर बॉलीवुड सुपर?स्टार शाहरुख खान ने देश में बढ़ती असहिष्णुता पर अपनी राय रखता है, एआईएमआईएम सरीखी सांप्रदायिक पार्टी का प्रचारक ये जलील भांड इस काबिल है कि कह सके कि ये देशभक्त है, और देश में असहिष्णुता अब बढ रही है ?
इस शाहरुख ने इस बात से सहमति जताई कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में लोग असहनशील हो रहे हैं, तो ये खुद पाकिस्तानी समाज का जिहादी सहिष्णु है?
Important Note : हमारे 'भारतीय' जीवन और दर्शन में जींस/गुणसूत्र और जेनेटिक्स/ गुणसूत्र विज्ञान का बहुत ठोस महत्व होता है, तासीर और फितरतें कतई बदलती नहीं है, सनद रहे...!!
वन्दे मातरम्










तुम चूतिये भाजपा वाले बस फोटोशोप कर करके मर जाओगे , खुद का दिल बहला लोगे. अबे मूर्खो , कोई भी अब reverse image google करके तुम्हारे ये फोटोशोप पिक्स की असलियत जान सकता है . नकली फोटो को लगाकर कितना कीबोर्ड तोड़ोगे बे .. :D :D :D :D
ReplyDeleteचल बे खंगेसी दल्लाल शाहरुख खान के गद्दार पूर्वजों का इतिहास तुमसे बर्दास्त नहीं होता तो कोई क्या कर सकता है।
Deleteमाध₹चो$ अपने असली अब्बा का नाम लिखने में काहे फट रही है बे भ$वे
Deletehttp://smhoaxslayer.com/a-fake-viral-photo-of-iamsrk-shahrukh/
ReplyDeleteअबे फोटो तो प्रतीकात्मक होती है। ऐसे कहीं सारे न्यूज articles है जहां न्यूज वाले प्रतीकात्मक फोटो लगाते है जिसका मूल खबर से कोई लेना देना नहीं होता।
DeleteYe mulle sale jihad felate h
ReplyDeleteYe mulle sale jihad felate h
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